बाढ़ पीड़ितों के संकट मोचक बने सीएम योगी, अब तक 6 लाख से अधिक लोगों को दी राहत
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Yugvarta
, Aug 10, 2025 10:09 PM 0 Comments
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Lucknow : लखनऊ, 10 अगस्त: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर लगातार मंत्री बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं। सीएम योगी के आधा दर्जन मंत्रियों ने विभिन्न जिलों में बाढ़ प्रभावित इलाकों को दौरा किया। इन्होंने उन्होंने राहत सामग्री वितरित करने के साथ पीड़ितों को कुशलक्षेम भी जाना।
1,877 गांव बाढ़ से प्रभावित, करीब साढे छह लाख पीड़ितों को पहुंचायी गयी राहत-
राहत आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 36 जिलों की 92 तहसीलें और 1877 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इन इलाकों में
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बाढ़ प्रभावित इलाकों में मंत्री लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। इस दौरान वह बाढ़ पीड़ितों से मिलकर उन्हे राहत सामग्री वितरित करने के साथ कुशलक्षेम जान रहे हैं। वहीं बाढ़ पीड़ितों का भरोसा दे रहे हैं कि संकट की घड़ी में सरकार उनके साथ है। वाराणसी में मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु ने कोटवां कपिलधारा में बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत सामग्री वितरित की। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन इलाकों में बाढ़ का पानी कम हो रहा है, वहां साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। प्रदेश के स्टांप एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल ने सिकरौल वार्ड में बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री उपलब्ध कराते हुए कहा कि आपदा के समय में शासन-प्रशासन उनके साथ खड़ा है। इस दौरान लोगों ने शासन प्रशासन की ओर से मिल रहे सहयोग के लिए संतोष व्यक्त किया।
इसी तरह जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने गोंडा और बहराइच के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। गोंडा में दौरे के दौरान विधायक तरबगंज प्रेम नारायण पांडेय मौजूद रहे। मंत्री ने तहसील तरबगंज के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र ऐलीपरसौली में बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को बाढ़ राहत सामग्री किट का वितरण किया। इसके बाद उन्होंने बहराइच की तहसील महसी के ग्राम पंचायत सचिवालय पचदेवरी पहुंच कर जलभराव व कटान से प्रभावित लोगों के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि दैवीय आपदा के दौरान राहत व बचाव के कार्यों में धन की कमी आड़े नहीं आयेगी।
वहीं मंत्री रामकेश निषाद ने फतेहपुर में ललौली इंटर कॉलेज के बाढ़ राहत शिविर का दौरा किया। यहां पर उन्होंने लोगों को बाढ़ राहत सामग्री का वितरण किया। साथ ही शिविर में मेडिकल कैंप की व्यवस्था को देखा।
प्रयागराज में मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नंदी ने ब्वॉयज हाईस्कूल पहुंचकर बाढ़ प्रभावित लोगों को बाढ़ राहत किट का वितरण किया। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों से संवाद करते हुए कहा कि आपदा के समय पीड़ितों की हर सम्भव मदद करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि आपदा के दौरान प्रदेश सरकार, शासन व प्रशासन आपके साथ हैं। बाढ़ से प्रभावित फसलों और मकानों के नुकसान का आंकलन कराकर मुआवजा वितरित किया जा रहा है। इस दौरान मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को पीएचसी-सीएचसी पर दवाएं और एंटीवेनम की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
बलिया में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने टाउन हॉल परिसर में बाढ़ से प्रभावित लोगों को राशन किट वितरित की। परिवहन मंत्री ने कहा कि सरकार प्रत्येक पीड़ित तक राहत पहुंचाने के लिए पूरी गंभीरता से प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और हर ज़रूरतमंद को समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। किसी भी जरूरतमंद को राहत से वंचित नहीं होने दिया जाएगा। साथ ही बाढ़ की इस दुखत घड़ी से निपटने के लिए जिला प्रशासन हमेशा सहयोग किया है उन्होंने सभी को धन्यवाद दिया।
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बाढ़ से 6,42,913 लोग प्रभावित हैं, जिन्हें राहत पहुंचायी गयी। वहीं बाढ़ की वजह से 84,700 मवेशियों को सुरक्षा स्थान पर शिफ्ट किया गया है। बाढ़ की चपेट में आने से अब तक 573 लोगों के मकानों को क्षति पहुंची है, जिनमें से 465 लोगों को सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है। वहीं प्रदेश में 61,852 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल बाढ़ की चपेट में आया है। इन प्रभावित क्षेत्रों में 2,610 नावों और मोटरबोट्स की सहायता से राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। इन इलाकों में अब तक 67,169 खाद्यान्न पैकेट और 7,99,734 लंच पैकेट वितरित किये जा चुके हैं। वर्तमान में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ... लंगर के जरिये पीड़ितों को भोजन की सुविधा दी जा रही है।
475 बाढ़ शरणालय में 65 हजार से अधिक लोगों को दी जा रही घर जैसी सुविधा-
योगी सरकार द्वारा बाढ़ प्रभावित इलाकों में पीड़ितों के साथ मवेशियों की सुरक्षा और उनके खाने-पीने का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। अब तक मवेशियों के लिए 11,640 कुंतल भूसा वितरित जा चुका है। इसके अलावा 5,83,758 क्लोरीन टेबलेट और 2,88,860 ओआरएस पैकेट भी वितरित किए जा चुके हैं ताकि जलजनित बीमारियों पर नियंत्रण पाया जा सके। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कुल 475 बाढ़ शरणालय सक्रिय हैं, जहां 65,437 लोग अस्थायी रूप से निवास कर रहे हैं। इन सभी का 1,124 मेडिकल टीमों द्वारा मेडिकल चेकअप किया जा रहा है। इसके साथ ही 1,517 बाढ़ चौकियों की स्थापना की गई है, जो प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर निगरानी रख रही हैं।
यह जनपद बाढ़ से हैं प्रभावित-
वर्तमान में प्रदेश के 36 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें अयोध्या, बहराइच, बाराबंकी, बस्ती, कासगंज, हरदोई, मुरादाबाद, मुजफ्फनगर, शाहजहांपुर, भदोही, श्रावस्ती, उन्नाव, फर्रुखाबाद, मेरठ, हापुड़, गोरखपुर, गोंडा, बिजनौर, बदायूं, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, आगरा, औरैया, चित्रकूट, बलिया, बांदा, गाज़ीपुर, मीरजापुर, प्रयागराज, वाराणसी, चंदौली, जालौन, कानपुर देहात, हमीरपुर, इटावा और फतेहपुर शामिल हैं। इन सभी जिलों में राहत कार्य तेजी से चल रहे हैं।