विकास की नई राह: चकरगांव–कल्याणखाल मोटर मार्ग के डामरीकरण को ₹1,09,15,000 की मंजूरी
Go Back |
Yugvarta
, Aug 31, 2025 10:51 PM 0 Comments
0 times
0
times
Shrinagar (Paudi) :
श्रीनगर (पौड़ी), 31 अगस्त 2025। श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र को बड़ी सौगात मिली है। चकरगांव–कल्याणखाल मोटर मार्ग के डामरीकरण के लिए उत्तराखंड शासन से प्रशासकीय व वित्तीय स्वीकृति जारी हो गई है। इस कार्य हेतु ₹1,09,15,000 स्वीकृत हुए हैं। यह मंजूरी कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक धन सिंह रावत के प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है।
मुख्य बातें
• चकरगांव–कल्याणखाल मोटर मार्ग डामरीकरण के लिए ₹1.0915 करोड़ स्वीकृत
• परियोजना से श्रीनगर विधानसभा के हजारों लोगों को सीधा लाभ
• मार्ग गढ़वाल–कुमाऊं सीमाक्षेत्र को जोड़ने में सहायक, आवागमन तेज़ होगा
• शिक्षा, कृषि विपणन, व्यापार और आपात सेवाओं तक पहुँच आसान
क्या बोले क्षेत्रीय विधायक
विधायक धन सिंह रावत ने कहा, “मेरा संकल्प हमेशा अंतिम छोर तक विकास की सुविधाएँ पहुँचाना है।” उन्होंने बताया कि यह सड़क लंबे समय से स्थानीय जनमानस की प्रमुख मांग रही है। “सड़क किसी भी क्षेत्र के विकास की रीढ़ होती है। बेहतर सड़क से विद्यार्थियों को शिक्षा, किसानों को बाज़ार, व्यापारियों को आवागमन और आमजन को जीवन की सहजता मिलेगी,” उन्होंने जोड़ा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्वीकृति की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में उत्साह है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने कहा कि सड़क बनने से दैनिक आवागमन की कठिनाइयाँ कम होंगी और रोजगार–व्यापार के नए अवसर खुलेंगे।
आभार व्यक्त करने वालों में थलीसैंण मंडल अध्यक्ष आनंद सिंह नेगी, नवीन जोशी, अमर सिंह, मनोज रमोला, पुष्पेंद्र भंडारी, गोपाल सिंह, कैलाश ढोंडियाल, प्रताप सिंह, कुंवर सिंह सहित समस्त चौथाण क्षेत्र के लोग शामिल रहे।
परियोजना से होने वाले लाभ
• सुरक्षित और तेज़ आवागमन: बारिश में फिसलन और धूल की समस्या घटेगी, दुर्घटनाएँ कम होंगी।
• शिक्षा व स्वास्थ्य तक पहुँच: स्कूल, कॉलेज और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुँचना आसान।
• कृषि व स्थानीय अर्थव्यवस्था: किसानों की फसलों का समय पर परिवहन, स्थानीय बाज़ारों तक सप्लाई बेहतर।
• कनेक्टिविटी में सुधार: गढ़वाल–कुमाऊं सीमाक्षेत्र का आंतरिक संपर्क मजबूत।
आगे की प्रक्रिया
स्वीकृति के बाद विभागीय स्तर पर निविदा/कार्य आवंटन, कार्य मानक तय करना और समयसीमा घोषित करना अगला चरण होगा। बरसाती मौसम का ध्यान रखते हुए गुणवत्तापूर्ण डामरीकरण के निर्देश दिए जाने की उम्मीद है।