फैजाबाद (उप्र) । शाह आलम राजनैतिक-सामाजिक कार्यकर्ता व स्वतंत्र पत्रकार हैं और स्वतंत्रता संग्राम के गुमनाम शहीदों का इतिहास जनता के सामने लाने के कार्यक्रम में जुटे हुए हैं और उनके पूर्वज प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में भाग ले चुके हैं। लेकिन उनके छोटे भाई आदिल खान को थाना कलवारी के सिपाही रमेश यादव, पारस नाथ सिंह व आर एन सिंह द्वारा बेवजह पीटा गया, आतंकवादी कहा गया और पाकिस्तान भगाने की धमकी दी गई। अब शाह आलम ने इन पुलिसकर्मियों के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है।
शाह आलम ने बताया कि उनका छोटा भाई आदिल दिनांक 08 अगस्त 2015 को दिन के 11 बजे नकहा एक किमी पूर्व स्थित अपने धान के खेत में पानी भर रहा था। तभी वहां कलवारी थाने में तैनात सिपाही रमेश यादव, पारस नाथ सिंह व आर एन सिंह, जो सिविल ड्रेस में थे और वहां से एक डिस्कवर व स्प्लेंडर मोटरसाइकिल गुजर रहे थे, ने आदिल को अपने पास बुलाया और किसी बाईक वाले के बारे में पूछा। आदिल द्वारा किसी जानकारी से इनकार करने पर सिपाही रमेश यादव आदिल से उसका नाम पूछा और कहा साले कि आतंकवादी यहां रहते हो और इतना भी नही पता? इसके बाद सिपाही रमेश यादव ने आदिल को आठ-नौ थप्पड़ मारे और पारसनाथ सिंह ने कहा कि साले कटुए यहां क्या कर रहे हो पाकिस्तान भाग जाओ। इस पर आर एन सिंह सिपाही ने कहा कि ऐ साले ऐसे नहीं सुधरेंगे लाठी लाओ। इसके बाद स्थानीय लोग जो खेतों में काम कर रहे थे व आस पास थे, ने बीच बचाव कर मामले को खत्म करवाया।
इस घटना के बाद कलवारी थाने में तत्काल इसकी शिकायत की गई तो सिपाहियों के नाम पता चले। थाना प्रभारी ने कहा कि पहचान नहीं पाए होंगे कोई बड़ी बात नहीं है। मेडिकल के लिए बहादुरपुर ब्लाक के डाक्टर के पास गए तो उसने कहा कि बिना एफआईआर के यहां कोई मेडिकल नही होता। आदिल इस घटना के बाद काफी गुमसुम व डरा सहमा रहता है। काफी पूछने पर आदिल ने अपने साथ घटी घटना की जानकारी आज शाह आलम को दी।