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प्रधानमंत्री ने काशी को दी 2200 करोड़ रुपए की 52 परियोजनाओं की सौगात
Go Back | Yugvarta , Aug 02, 2025 03:02 PM
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News Image Varanasi :  वाराणसी, 02 अगस्त। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वाराणसी के सेवापुरी स्थित बनौली गांव में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। एक दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे प्रधानमंत्री ने करीब 2200 करोड़ रुपये की 52 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त के तहत 9.70 करोड़ से अधिक किसानों को 20,500 करोड़ रुपये सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित किए। कार्यक्रम में पीएम किसान सम्मान निधि से संबंधित एक लघु चलचित्र का प्रदर्शन भी किया गया, जिसमें योजना की सफलता और किसानों पर उसके प्रभाव को दर्शाया गया। इस दौरान

हमें बनना है तीसरी महाशक्ति तो अपनाना ही होगा स्वदेशी : प्रधानमंत्री

एक दिवसीय दौरे पर अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने व्यापारियों और देश के नागरिकों से की अपील

वाराणसी के सेवापुरी के बनौली गांव में प्रधानमंत्री ने की विशाल जनसभा

पीएम मोदी ने काशी से देशभर के किसानों को 20,500 करोड़ की सम्मान निधि की जारी

बोले प्रधानमंत्री- काशी से दिया गया धन 'प्रसाद स्वरूप'

स्वदेशी का संकल्प और वोकल फॉर लोकल का प्रधानमंत्री ने किया आह्वान

भाजपा सरकार जो कहती है, वो करके दिखाती है : नरेन्द्र मोदी

उन्होंने देशभर के व्यापारियों और नागरिकों से आह्वान किया कि अगर हमें देश को दुनिया की तीसरी महाशक्ति बनाना है तो इसके लिए हमें स्वदेशी को अपनाना ही होगा।

भारत को भी अपने आर्थिक हितों को लेकर सजग रहना होगा-
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में वैश्विक चुनौतियों, स्वदेशी अपनाने की आवश्यकता और किसानों की खुशहाली पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि मैं आपका ध्यान वैश्विक हालातों पर ले जाना चाहता हूं। दुनिया में अस्थिरता का माहौल है। दुनिया के देश अपने-अपने हितों पर फोकस कर रहे हैं। भारत भी दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है। इसलिए भारत को भी अपने आर्थिक हितों को लेकर सजग रहना ही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारे किसान, लघु उद्योग और नवजवानों के रोजगार का हित सर्वोपरि है। सरकार इस दिशा में हर प्रयास कर रही है, लेकिन देश के नागरिकों के रूप में हमें भी कुछ दायित्व निभाने होंगे।

स्वदेशी का संकल्प और वोकल फॉर लोकल का किया आह्वान-
प्रधानमंत्री ने जनता से स्वदेशी का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि जो देश का भला चाहते हैं, जो देश को तीसरे नंबर की अर्थव्यवस्था बनाना चाहते हैं, ऐसा कोई राजनेता और राजनीतिक दल है उसे संकोच को छोड़कर देशवासियों में इस भाव को जगाना होगा कि हम स्वदेशी का संकल्प लें। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमें उन चीजों को खरीदना चाहिए जिन्हें बनाने में किसी न किसी भारतीय का पसीना बहा है, और जो भारत के लोगों के कौशल से बनी हैं। 'वोकल फॉर लोकल' के मंत्र को अपनाने और 'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा देने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि घर में जो भी नया सामान आए, वह स्वदेशी ही हो। व्यापारियों और दुकानदारों से विशेष आग्रह करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हम हमारे यहां से सिर्फ और सिर्फ स्वदेशी माल ही बेचेंगे। ये स्वदेशी माल बेचने का संकल्प देश की सच्ची सेवा होगा। आने वाले त्योहारों के मौसम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि दीवाली और शादियों के समय हर पल स्वदेशी ही खरीदें। उन्होंने विदेशों में शादी करके देश का धन लुटाने के बजाय भारत में ही शादी करने की सलाह दी और बताया कि कई नौजवान अब भारत में ही शादी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर बात में स्वदेशी का भाव आने वाले दिनों में हमारा भविष्य तय करने वाला है। सबके प्रयास से ही विकसित भारत का सपना पूरा होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब हम खरीदेंगे तो स्वदेशी ही खरीदेंगे, घर सजाएंगे तो स्वदेशी से ही सजाएंगे।

भाजपा सरकार जो कहती है, वो करके दिखाती है-
प्रधानमंत्री ने सरकार की किसान-केंद्रित नीतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार निरंतर किसानों की खुशहाली के लिए काम कर रही है। पहले की सरकारों में किसानों के नाम पर की गई घोषणाएं पूरी होना मुश्किल था, लेकिन भाजपा सरकार जो कहती है, वो करके दिखाती है। पीएम किसान सम्मान निधि को सरकार के पक्के इरादों का उदाहरण बताते हुए उन्होंने 2019 में योजना शुरू होने के समय विपक्षी पार्टियों (जैसे सपा और कांग्रेस) द्वारा फैलाई गई अफवाहों का जिक्र किया। विरोधी कहते थे कि चुनाव के बाद योजना बंद हो जाएगी या पैसा वापस ले लिया जाएगा, लेकिन "क्या इतने साल में एक भी किस्त बंद हुई? पीएम किसान निधि बिना ब्रेक के जारी है।"

उन्होंने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि आज तक पौने चार लाख करोड़ रुपये किसानों के खातों में भेजे जा चुके हैं। उत्तर प्रदेश के ढाई करोड़ किसानों को 90 हजार करोड़ रुपये से अधिक मिले हैं, जबकि काशी के किसानों को 900 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। प्रधानमंत्री ने कहा कि आपने ऐसा सांसद चुना है कि आपके खाते में 900 करोड़ रुपया आया है। उन्होंने योजना की पारदर्शिता पर जोर देते हुए बताया कि बिना किसी कट, कमीशन या बिचौलियों के पैसा सीधे खातों में पहुंचता है। हमने ये परमानेंट व्यवस्था बना दी है, न लीकेज होगी न गरीब का हक छीना जाएगा।

जो जितना पिछड़ा, उसे उतनी ही ज्यादा प्राथमिकता-
मोदी के विकास मंत्र "जो जितना पिछड़ा, उसे उतनी ही ज्यादा प्राथमिकता" का उल्लेख करते हुए उन्होंने हाल ही में मंजूर की गई "प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना" का जिक्र किया। इस योजना पर 24 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, और इसका फोकस उन पिछड़े जिलों पर होगा जहां कृषि उत्पादन और आमदनी कम है। सरकार बीज से बाजार तक किसानों के साथ है। सिंचाई योजनाओं में लाखों करोड़ रुपये लगाए जा रहे हैं। मौसम की चुनौतियों से निपटने के लिए पीएम फसल बीमा योजना के तहत अब तक पौने दो लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का क्लेम किसानों को दिया गया है। फसलों की एमएसपी में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है, विशेष रूप से धान और गेहूं जैसी प्रमुख फसलों में। उपज सुरक्षित रखने के लिए हजारों नए गोदाम बनाए जा रहे हैं।

महिलाओं और कृषि रिसर्च पर जोर-
कृषि अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने "लखपति दीदी" अभियान का उल्लेख किया, जिसका लक्ष्य तीन करोड़ लखपति दीदी बनाना है। अब तक डेढ़ करोड़ से ज्यादा लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि सपा वाले आंकड़ा सुनकर साइकिल लेकर भाग जाएंगे। ड्रोन दीदी अभियान ने लाखों बहनों की आय बढ़ाई है। कृषि से जुड़ी आधुनिक रिसर्च को खेतों तक पहुंचाने के लिए "लैब से लैंड" मंत्र के साथ सवा करोड़ से अधिक किसानों से सीधा संवाद किया गया है। हालांकि कृषि राज्य का विषय है, लेकिन केंद्र सरकार ने खुद पहल करके योजनाओं को आगे बढ़ाया है।

जनधन योजना और केवाईसी अभियान की चर्चा-
प्रधानमंत्री ने जनधन योजना के 10 साल पूरे होने का जिक्र किया, जिसके तहत 55 करोड़ गरीबों के बैंक खाते खोले गए। अब 10 साल बाद केवाईसी दोबारा कराना जरूरी है। उन्होंने बैंकों के अभियान की सराहना की, जहां 1 जुलाई से ग्राम पंचायतों में कैंप लगाकर लाखों लोगों का केवाईसी किया जा रहा है। अब तक 1 लाख ग्राम पंचायतों में यह काम पूरा हो चुका है।

काशी सांसद प्रतियोगिताएं और दिव्यांगों को सहायता-
प्रधानमंत्री ने काशी सांसद प्रतियोगिता से संबंधित वेबसाइट, रजिस्ट्रेशन पोर्टल और क्यूआर कोड का लोकार्पण किया। हाल ही में आयोजित सांसद टूरिस्ट गाइड प्रतियोगिता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि स्पर्धा के माध्यम से स्किल डेवलपमेंट हो रहा है। आने वाले दिनों में काशी सांसद फोटोग्राफी प्रतियोगिता और सांसद रोजगार मेला जैसे आयोजन होंगे। उन्होंने सरकार के अधिकारियों और प्रतियोगियों को बधाई दी।

राष्ट्रीय वयोश्री योजना के तहत हुडको और आईडीबीआई द्वारा सीएसआर फंड से काशी के दो हजार दिव्यांगों को सहायक उपकरण प्रदान किए गए। प्रधानमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से कुछ लाभार्थियों को उपकरण दिए, इसमें बबली कुमारी (दृष्टिबाधित छात्रा) को लो विजन चश्मा (जो पहले ब्रेन किट से पढ़ाई कर रही थीं), संतोष कुमार पांडेय और विकास कुमार पटेल को स्पोर्ट्स व्हीलचेयर, किशुन को श्रवण यंत्र और सीता कुमारी पाल (शिक्षिका) को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल प्रदान की।

तमिलनाडु दौरे का किया जिक्र, काशी तमिल संगमम के प्रयास को सराहा-
अपने हाल के तमिलनाडु दौरे का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि वे एक हजार साल पुराने गंगईकोंडा चोलापुरम मंदिर गए, जो राजेंद्र चोल द्वारा बनवाया गया था। राजेंद्र चोल ने उत्तर भारत से गंगाजल मंगवाकर उत्तर को दक्षिण से जोड़ा था। "काशी तमिल संगमम" प्रयासों के जरिए इसे आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 1000 साल बाद वे खुद गंगाजल लेकर वहां गए और जलाभिषेक किया, जो जीवन में प्रेरणा देता है। "देश की एकता की हर बात नई चेतना जगा देती है," उन्होंने कहा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, पटना से केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, देश के विभिन्न प्रदेशोें से वचुअली जुडे मुख्यमंत्रीगण, केंद्रीय मंत्रीगण और प्रदेश के मंत्रीगण के अलावा वाराणसी के जनप्रतिनिधिगण मौजूद रहे।
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