उत्तराखंड में इको टूरिज्म को मिलेगी नई उड़ान, 15 जनवरी तक बनेगी ट्रैकिंग–माउंटेनियरिंग नीति

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Lucknow, 5 Jan, 2026 05:55 PM
उत्तराखंड में इको टूरिज्म को मिलेगी नई उड़ान, 15 जनवरी तक बनेगी ट्रैकिंग–माउंटेनियरिंग नीति

देहरादून : मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में वन विभाग के अंतर्गत इको टूरिज्म के संबंध में उच्च अधिकार प्राप्त समिति की बैठक संपन्न हुई। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश का अधिकतर भूभाग वनाच्छादित होने से प्रदेश में इको टूरिज्म की अत्यधिक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि इको टूरिज्म की संभावनाओं को तलाशते हुए ऐसे स्पॉट चिन्हित कर विकसित किए जाएं, जो इको टूरिज्म के लिए एक सुदृढ़ इको सिस्टम तैयार करें।


मुख्य सचिव ने ट्रैकिंग और माउंटेनियरिंग के लिए पॉलिसी तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने ट्रैकिंग और माउंटेनियरिंग की एक इंटीग्रेटेड पॉलिसी 15 जनवरी तक फाइनल कर शासन को प्रस्तुत किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि पॉलिसी तैयार किए जाने से पूर्व प्राइवेट स्टेकहोल्डर्स से भी संवाद कर लिया जाए, ताकि पॉलिसी बनने के बाद आने वाली व्यावहारिक समस्याओं से बचा जा सके।


मुख्य सचिव ने ट्रैकिंग के लिए नई चोटियां खोले जाने की दिशा में कार्य किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए पर्यावरण ऑडिट सहित अन्य सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण की जाएं। उन्होंने शीघ्र ही इसकी एसओपी जारी किए जाने की भी बात कही।


मुख्य सचिव ने चौरासी कुटिया के जीर्णोद्धार कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यदायी संस्था को समय से कार्य पूर्ण करने हेतु सभी कार्यों की टाइमलाइन निर्धारित करने को कहा। साथ ही लक्ष्य निर्धारित कर कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण कराने के निर्देश दिए।


मुख्य सचिव ने इको टूरिज्म के लिए जबरखेत मॉडल को अन्य चिन्हित इको टूरिज्म स्थलों पर भी लागू करने की बात कही। उन्होंने कहा कि इन कार्यों को समय पर पूर्ण कराने के लिए संभागीय वन अधिकारियों (डीएफओ) को टास्क दिए जाएं, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इको टूरिज्म को बढ़ावा दे सकें। उन्होंने 10 चिन्हित साइट्स का प्लान एक माह के भीतर तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए।


मुख्य सचिव ने वन क्षेत्रों के अंतर्गत पर्यटन गतिविधियों के संचालन के लिए एक सशक्त मैकेनिज्म तैयार किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों के संचालन की जिम्मेदारी इको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड को दी जा सकती है, क्योंकि इसका गठन इसी उद्देश्य से किया गया है।


उन्होंने इको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड को मजबूत करने, मैनपावर बढ़ाने तथा बजट में आवश्यक प्रावधान किए जाने के निर्देश दिए। साथ ही अपर सचिव वन को ईटीडीबी के लिए नया हेड खोलने के निर्देश दिए, ताकि यूटीटीडीबी की भांति ईटीडीबी को भी ग्रांट दी जा सके। इको टूरिज्म साइट्स के संचालन हेतु इको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड के माध्यम से शीघ्र एमओयू किए जाने के निर्देश भी दिए गए।


मुख्य सचिव ने इको टूरिज्म से संबंधित हाईपावर समिति की बैठक प्रत्येक माह आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेशभर में पर्यटन से जुड़े फॉर्मल ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किए जाने की भी बात कही। प्रशिक्षण के उपरांत सर्टिफिकेट प्रदान किए जाने तथा सर्टिफिकेशन को एक ही स्थान पर एंकर करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने प्रशिक्षण प्रमाणीकरण की जिम्मेदारी पर्यटन विभाग को दिए जाने तथा इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग से भी सुझाव लिए जाने की बात कही।


इस अवसर पर सचिव दीपेन्द्र कुमार चौधरी, पीसीसीएफ रंजन कुमार मिश्रा, सीसीएफ इको टूरिज्म पी.के. पात्रो एवं अपर सचिव हिमांशु खुराना सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


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