तुलसी पूजन दिवस: आस्था, स्वास्थ्य और पर्यावरण का संगम
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 25 Dec, 2025 11:17 AMलखनऊ। सनातन धर्म में तुलसी को केवल एक पौधा नहीं, बल्कि माता लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है। मान्यता है कि भगवान विष्णु और भगवान कृष्ण की पूजा तुलसी के बिना अधूरी रहती है। घर-आंगन में तुलसी का पौधा लगाने से शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक वातावरण बनता है। इसी पवित्र परंपरा के तहत हर वर्ष 25 दिसंबर को तुलसी पूजन दिवस मनाया जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी में सभी देवताओं का वास होता है। तुलसी की नियमित पूजा से पापों का नाश होता है और भक्ति भाव निरंतर बढ़ता है। पुराणों में तुलसी का संबंध वृंदा की कथा से जुड़ा है। वृंदा भगवान विष्णु की अनन्य भक्त और जालंधर की पत्नी थीं। कथानुसार, विष्णु के छल से वृंदा का सतीत्व भंग हुआ, जिससे आहत होकर उन्होंने विष्णु को श्राप दिया और स्वयं तुलसी का रूप धारण कर लिया। तभी से विष्णु शालिग्राम रूप में तुलसी विवाह की परंपरा चली आ रही है। इसी पवित्रता के कारण तुलसी को सनातन धर्म में विशेष स्थान प्राप्त है।
स्वास्थ्य के लिए वरदान है तुलसी
आयुर्वेद में तुलसी को औषधियों की रानी कहा गया है। इसके नियमित सेवन और आसपास रोपण से अनेक स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं—
- प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करती है
- तनाव और चिंता को कम करती है
- हृदय स्वास्थ्य में सुधार लाती है
- पाचन तंत्र को बेहतर बनाती है
- सर्दी-खांसी में राहत देती है
- त्वचा और बालों के लिए लाभकारी
- एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर
वैज्ञानिक दृष्टि से भी उपयोगी
वैज्ञानिक शोधों के अनुसार, तुलसी का पौधा वायु को शुद्ध करने में सहायक होता है। इसमें मौजूद औषधीय गुण कीटाणुओं को नष्ट करते हैं और प्रदूषण कम करने में मदद करते हैं। शोध यह भी बताते हैं कि तुलसी दिन के अधिकांश समय ऑक्सीजन उत्सर्जित करती है, जिससे आसपास का वातावरण स्वच्छ रहता है। इसी कारण इसे प्राकृतिक एयर प्यूरीफायर भी कहा गया है, जो सांस से जुड़ी बीमारियों से बचाव में सहायक हो सकती है।
सामाजिक और पर्यावरणीय संदेश
तुलसी पूजन दिवस की शुरुआत वर्ष 2014 में की गई थी और तब से यह परंपरा निरंतर जारी है। दिसंबर की शुरुआत के साथ ही सोशल मीडिया पर तुलसी माता से जुड़े संदेश, पोस्ट और विचार साझा होने लगते हैं। लोग तुलसी के धार्मिक महत्व के साथ-साथ उसके स्वास्थ्य और पर्यावरणीय लाभों पर भी जागरूकता फैलाते हैं।
तुलसी पूजन दिवस हमें यह संदेश देता है कि आस्था, स्वास्थ्य और प्रकृति संरक्षण—तीनों का संतुलन ही समृद्ध और स्वस्थ जीवन की कुंजी है।


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